मैथिलि भगवतीक गीत
गै माँ गै पुत तोहर, भऽ जेतौ सुनै अन्धेर गै.
ताकै एक्को बेर गै ना..
माँ गै पङलै, बङका फेरा.
उजैङ गेलै गै, हमर बसेरा..
समैया खेल रहल अई, मैया गजबे खेल गै.
ताकै एक्को बेर गै ना..
ताना मारैया, टोल पङोस.
कियो नै दैया, बोल भरोस..
संग छोङि देलक सब, बिपैत के मैया बेर गै.
ताकै एक्को बेर गै ना..
एक त दुनियाँ, ई कसैया.
जौं तुँहूँ नै, तकमें गै मैया..
तऽ चंदन आशीयाना संग, सूरज हेतौ अन्धेर गै.
ताकै एक्को बेर गै ना....
गीतकार - ✍सूरज भारती (8674940513)
कोई टिप्पणी नहीं