परदेश में दुःख गै माई
___परदेश मे दुखे दुःख गै माईं__
[[[[[[[[[[[[[[[[[गजल]]]]]]]]]]]]]]]]]
रौंदे बसात कोरै छि चट्टान गै माईं/
मोन परैय अपन. खरियान गै मांई\\
स्वर्गो स सुंदर अपन झोपरी़ घर छल/
परदेश मे हमरा लगैय झुझुवान गै माईं\\
तोहर लाड़ प्यार भेंटैय नै प्रदेश मे /
हमर आँईंखो के नोर भेल विरान गै माईं\\
अपन घर दुवार मन मे हब घरि-घरी /
हमरा आदे मे बहैक जाईंय ध्यान गै माईं\\
सपना सपनाईं छि अपने घर मे सुतल छि/
निन्न टूटितें लगैय परदेश मे झप्ट्टान गै माईं\\
✍सुरज_कुमार_प्रीतम_जी
#सिनुरजोडा़_७ (हाल मलेशिया
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