देखते रहिताै सजनी अहाँके हम यै
स्वर्गके परीसँऽ किछनै सजनी अहाँ कम यै ।
मन करैय देखते रहिताै सजनी अहाँके हम यै।
चम्म,चम्म चम्मकैय सजनी अहाँके बिन्दीया यै।
गम्म,गम्म गम्मकैय सजनी अहाँके चुनरिया यै।
गोर, गोर गालऽप निक लागैय अहाँके करिया तिल यै।
छम्म,छम्म छम्मकैय अहाँके सजनी सोंल्ह साल यै।
रून्न,झुन्न बाजैय सजनी अहाँके पायल यै।
अहाँ कलमदेबके दिल किए करैछी घायल यै।
✍ कलमदेब महतो
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