प्यार के परिभाष ,एकरे त प्यार कहै छै
एक दिलके धड़कन जब दोसरमे सुनाबै छै
बन्द नयनमे हुनके छबि देखाबै छै
ओहिके त नयनके चार कहै छै
हँ हमर बंधु एकरे त प्यार कहै छै
प्यार उ नै जे शरिरके चिचियाबैमे दम छोइड दै
प्यार उ नै जे दुःखके समयममे असगरे छोइड दै
प्यार जीनगीके शक्ति जीनगीके पूजा कहै छै
हँ हमर प्यारे एकरे त प्यार कहै छै
प्यार उ नै जे सबदिन सही रास्ता दिखाबै
प्रीतमके सब नीर सम्मान मोतीसन कहबै
एकरा सचाईमे सपनाके संसार कहै छै
हँ हमर राजा एकरे त प्यार कहै छै
प्यार की लेन-देन जैमे बटवरा कर' परै
प्यार की पूरा बाजार जकरा तमासा कर' परै
बिना घुघरूके जे दिलमे सोर करै छै
हँ हमर सरकार एकरे त प्यार कहै छै
प्रीत उ नै जे मुहँ सँ नै नयन सँ बजै छै
हर घरी प्रीतम के बोलीमे एहसास रहै छै
एकरा सब दबाई आ दुवाके असर कहै छै
हँ हमर पप्पू एकरे त प्यार कहै छै
जोश भैर दैछै प्यारके ताकत दिल में
बांधके राखै छै प्यार आश और हिम्मत
डाक्टरो एकरा प्यार के जादू कहै छै
हँ यौ प्रेमरोगी एकरे त प्यार कहै छै
प्रेम विश्वास के धागा सँ बुनल मखमल
डोरि छै मज़बूत दिखै छै चाहे कोमल
जीनगी सुधारके एक हथियार कहै छै
हँ हमर बाबूजी एकरे त प्यार कहै छै
प्रीत ओ अछि जे हर घरी नीक बनादै
थाकल शरिरके सेहो तन्दुरूस्त बना दै
जीनगी छै नैया त प्रीत के पतवार कहै छै
हँ यौ जीवन राही एकरे त प्यार कहै छै
प्यार छै गरम घाममेंश शीतल भरल छाव
प्यार छै नयनमे बसल एक सपना के गाँउ
खुदा सेहो एकरा लेल ललाएत रहै छै
हँ खुदाके बंदे एकरे त प्यार कहै छै
एकरा छूक' पत्थर सेहो बनै जय पारस
हर नाजुक घड़ीमे यी अछि बल और साहस
एकरा जीनगीमे ईश्वरके उपहार कहै छै
हँ यौ बटोही एकरे त प्यार कहै छै
सफल प्रेम सँ मां-बाप के आशीष गर मिलजय
सहैत नफरत जे दुनियाँ में बड़ा भजय
एकरा ओहि सँ त तलवार के धार कहै छै
हँ रो हमर बौवा एकरे त प्यार कहै छै
✍अशोक कुमार सहनी
लहान ४ रघुनाथपुर
हॉल (दोहा क़तार)
बन्द नयनमे हुनके छबि देखाबै छै
ओहिके त नयनके चार कहै छै
हँ हमर बंधु एकरे त प्यार कहै छै
प्यार उ नै जे शरिरके चिचियाबैमे दम छोइड दै
प्यार उ नै जे दुःखके समयममे असगरे छोइड दै
प्यार जीनगीके शक्ति जीनगीके पूजा कहै छै
हँ हमर प्यारे एकरे त प्यार कहै छै
प्यार उ नै जे सबदिन सही रास्ता दिखाबै
प्रीतमके सब नीर सम्मान मोतीसन कहबै
एकरा सचाईमे सपनाके संसार कहै छै
हँ हमर राजा एकरे त प्यार कहै छै
प्यार की लेन-देन जैमे बटवरा कर' परै
प्यार की पूरा बाजार जकरा तमासा कर' परै
बिना घुघरूके जे दिलमे सोर करै छै
हँ हमर सरकार एकरे त प्यार कहै छै
प्रीत उ नै जे मुहँ सँ नै नयन सँ बजै छै
हर घरी प्रीतम के बोलीमे एहसास रहै छै
एकरा सब दबाई आ दुवाके असर कहै छै
हँ हमर पप्पू एकरे त प्यार कहै छै
जोश भैर दैछै प्यारके ताकत दिल में
बांधके राखै छै प्यार आश और हिम्मत
डाक्टरो एकरा प्यार के जादू कहै छै
हँ यौ प्रेमरोगी एकरे त प्यार कहै छै
प्रेम विश्वास के धागा सँ बुनल मखमल
डोरि छै मज़बूत दिखै छै चाहे कोमल
जीनगी सुधारके एक हथियार कहै छै
हँ हमर बाबूजी एकरे त प्यार कहै छै
प्रीत ओ अछि जे हर घरी नीक बनादै
थाकल शरिरके सेहो तन्दुरूस्त बना दै
जीनगी छै नैया त प्रीत के पतवार कहै छै
हँ यौ जीवन राही एकरे त प्यार कहै छै
प्यार छै गरम घाममेंश शीतल भरल छाव
प्यार छै नयनमे बसल एक सपना के गाँउ
खुदा सेहो एकरा लेल ललाएत रहै छै
हँ खुदाके बंदे एकरे त प्यार कहै छै
एकरा छूक' पत्थर सेहो बनै जय पारस
हर नाजुक घड़ीमे यी अछि बल और साहस
एकरा जीनगीमे ईश्वरके उपहार कहै छै
हँ यौ बटोही एकरे त प्यार कहै छै
सफल प्रेम सँ मां-बाप के आशीष गर मिलजय
सहैत नफरत जे दुनियाँ में बड़ा भजय
एकरा ओहि सँ त तलवार के धार कहै छै
हँ रो हमर बौवा एकरे त प्यार कहै छै
✍अशोक कुमार सहनी
लहान ४ रघुनाथपुर
हॉल (दोहा क़तार)











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