अपम मिथिला के माटि महान छै - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

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अपम मिथिला के माटि महान छै

॥मिथिला माटि महान छै॥
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-गीत-
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खेत अतऽ छै हरियर-हरियर,
आबि रिझौला एहिठाम हरी-हर।
प्रेमक कमला बलान छै,
प्रितक पान मखान छै।
इ मिथिला माटि महान छै...2
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एहि माटिसँ जनमल सीता,
पाहुन रामक आँजूर गीता।
एहिठाम ज्ञानक खान छै,
कण कण में भगवान छै।
इ मिथिला माटि महान छै...
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भोला बनिक जाकर एला,
विद्यापति रचि मैथिली गेला।
अत् ऊगना अस्थान छै,
प्रेम भक्ति केर गाण छै।
ई मिथिला माटि महान छै...
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मैथिली अतऽ केँ मिठगर भाषा,
पढ़ु लिखु सभ इ अभिलाषा।
एक सँ एक विद्वान छै,
मैथिली अपन पहिचान छै।
इ मिथिला माटि महान छै...
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©सुबोध चौधरी।

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