की आहो रामा (लगनी गीत)
लगनी
भादव अन्हार' राती । पिया बिनु फाटय छाती ।।
की आहो रामा --
बदराजे गरजल हिया मोरा पियासल रे की ।
आधा राइत जागल रहियै ।सपनेमे टाँगल रहियै ।।
की आहो रामा ---
अचकेमे फोन कोना बाजल रे की ।
फुसियेकेँ मोनक नेह ।देहेमे सोनक नेह ।।
की आहो रामा ----
हुकरै छै कंगना आ पायल रे की ।
ककरो जे एलै पिया ।कूही भेल हमर हिया ।।
की आहो रामा ----
मैथिल प्रशान्त घर घूरि ने आयल रे की ।
~> ✍मैथिल प्रशान्त
दुर्गौली, बेनीपट्टी ।
#अपन_मिथिला
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