माँ गे कोना के एहन निर्मोह भ गेल - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

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माँ गे कोना के एहन निर्मोह भ गेल

आई १० दिन स माँ भवानी सब के अप्पन मायाजाल मे मनमोहित केने छलीह सम्पुर्ण भारतवर्ष  मे भक्तिमय माहौल बनल छल ॥
लेकिन आई हृदय काँपि रहल अछि इ सोचि क
जे आई हमरा सब के अनाथ बना क चलि जेती ll
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✍रोशन मिश्रा
" " माँ गै ई केहन विधना के विधान ? ?
नौ दिन धैर अपन बनेलै , दशम दिन वीरान ll
कह नें ई केहन विधना के विधान ? ? ? " "
              " "  हे गे कह नें ! ! !

माँ गै कोना क एहन निर्मोह भ गेलैह ।
अप्पन बेटा के कीएक लिलोह क देलैह ॥

नय जो कतौह माँ तू हमरा छोइर क
विनती करैं छीयौ दुनु हाथ जोइर क
हे  गै  कोना तू एहन  कठोर  भ गेलैह
अप्पन बेटा के कीएक लीलोह क देलैह ॥

कोना क बीत गेलै नौ दिन नवरात्रा
झट स  आईब गेलौ माँ तोहर यात्रा
हे गै डोली सवार भ कतS चलि गेलैह
अप्पन बेटा के कीएक लीलोह क देलैह ॥

आईब  जो फेर स  देखा अप्पन  मुखड़ा
तोरा छोइर दोसर आब सुनतै के दुखरा
ई अभगला के  छोइर  तू कहाँ चलि गेलै
अप्पन बेटा के कीएक लीलोह क देलैह ॥

दिन भरि  रहबौ माँ गै तोहरे चरण मे
ल ले तू आब हमरा माँ अपना शरण मे
कोन अपराधक तू ऐहन सजा द गेलैह
अप्पन बेटा के कीएक लीलोह क देलैह ॥

- - - - - - - - ✍रोशन मिश्रा - - - - - - - - - -

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