नै काटू कैह मुरी डोलेलौं ,पैरछलौ कैह कटबेलौँ अहाँ! - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

नै काटू कैह मुरी डोलेलौं ,पैरछलौ कैह कटबेलौँ अहाँ!

नै काटू कैह मुरी डोलेलौं ,पैरछलौ कैह कटबेलौँ अहाँ!
         


✍राम शंकर दाश
नै पुछैछी ई दसहारा त्यौहार कियाक मनेलौँ अहाँ,
एतबेक कैह दिय हमरा बली कियाक चढेलौं अहाँ!

नै जाइछेलौँ जौरी मे बाइंहक,ताईनक लगेलौँ अहाँ,
मँदिरक पोखैर मे लजाके जबरजस्ती नहबेलौँ अहाँ!

नहबाक मंदिर मे लाईबक अछत्त माथपर जब देलौँ अहाँ,
नै काटू कैह मुरी डोलेलौं ,पैरछलौ कैह कटबेलौँ अहाँ!

नीहोराके नै कान बात देलौँ सिर हमर छोप देलौँ अहाँ,
बोरामे बाईनहक घरमे लाईब बुट्टि बनाके खेलौँ अहाँ!

खाईलेल लड्डू प्रसाद चर्हौती मिठाईयों सब नै अपनेलौँ अहाँ,
देब धरम के नाम पर हमर जान कीयाक  ल लेलौँ अहाँ!

पहिने बीबस लाचार केलौँ बादमें गर्दन पर पर्हार केलौँ,
नीछोहे दबीया चलादेलौँ तनीको हाथो नै कपेलौँ अहाँ!

वाह खुद के मानव कहबबैछी लाज शरम नै होईय ,
की अहाँलेल ई उपयुक्त छेल जे काम कैरी लेलौँ अहाँ!

अहाँसब मे आब मानवता बाँकी नै रहल ऐछ ,
मानबो भक दानव के बाट पकैर लेलौँ अहाँ !

जान त सब के जाने होईछै जहीना अहाँके तहिना हमर ,
मानव मे जन्म लैयोक ई बात नै कहियो  बुईझ पेलौँ अहाँ!

           ✍ राम शंकर दास
         लहान,सिरहा,नेपाल

कोई टिप्पणी नहीं