मन्दिर ,महजित बनेबाक ठाममे, नाच तमासा ल चैल एल
मन्दिर ,महजित बनेबाक ठाममे, नाच तमासा ल चैल एल ।
✍बिनोद मेहता
एलै वो एक हावा बैन, डिबिया मुझा चैल गेल ।
हमर नेहमे सैट, दिल चोराक लचैल गेल ।।
गाम समाज बात कि करु,आपने सर्मिन्दा होइ छि,
मन्दिर ,महजित बनेबाक ठाममे, नाच तमासा ल चैल एल ।
दिन राइत एक कके जुवा, तास,ढाइसमे पैसा हाइर एल ।
आपने घर परिवार प हैकम चला माइर पिट चैल गेल ।।
देखु कतेक बुझरुख अछी यी आपन समाजक लोग सब,
सोझामे बुझरुख बैन पछमे गरिब सबके लुइट चैल गेल ।
किय प्रशासनो प्रहरी बर्दी छोइड मेला घुम चैल येक,
पैसा केर लोभमे धर्ती माइ पर गिदर बैन चैल येल ।
✍ बिनोद मेहता
भोक्राहा, सुनसरी ।
एलै वो एक हावा बैन, डिबिया मुझा चैल गेल ।
हमर नेहमे सैट, दिल चोराक लचैल गेल ।।
गाम समाज बात कि करु,आपने सर्मिन्दा होइ छि,
मन्दिर ,महजित बनेबाक ठाममे, नाच तमासा ल चैल एल ।
दिन राइत एक कके जुवा, तास,ढाइसमे पैसा हाइर एल ।
आपने घर परिवार प हैकम चला माइर पिट चैल गेल ।।
देखु कतेक बुझरुख अछी यी आपन समाजक लोग सब,
सोझामे बुझरुख बैन पछमे गरिब सबके लुइट चैल गेल ।
किय प्रशासनो प्रहरी बर्दी छोइड मेला घुम चैल येक,
पैसा केर लोभमे धर्ती माइ पर गिदर बैन चैल येल ।
✍ बिनोद मेहता
भोक्राहा, सुनसरी ।

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