कोना बिसरल छि गामक दलानकोना बिसरल छी गामक दलान
कक्का सब के ताशक घमाशान
गिल्ली डंडा - चोरा नुक्की
बुढ़िया कब्बडी आ त्तिति तीती
चंपा पर क्रिकेट के खेला
सौझका पहर फुटानी चौक दिस रेला
कोना क गाम हम छोड़ी बैसल छी ।
शहर में सब मैथिल मिल अलहुआ कोरैए छी ।
✍अशोक कुमार सहनी
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