चाँद उगलैय ऐना राईत शरमा गेलैय , - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

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चाँद उगलैय ऐना राईत शरमा गेलैय ,

चाँद उगलैय ऐना राईत शरमा गेलैय ,




चाँद उगलैय ऐना राईत शरमा गेलैय ,
बिना मेधे त आय खुब बर्खा भेलैय -३

दु त सपना हमर दिल स निकलैय ,
चाँद सुरज क भेलैय ने कहियो निकाह ,
लुईट दिनकर गैलाह - ३ दिन अनहरिया भेलैय ,
चाँद उगलैय ........….........

ओ जिनगी मे ओतअी ई मन मे आस ,
त जईर जईर क टैमी सदैय छी प्रकाश -२
बिना छुने कली -३ आय मुरझा गैलैय ,
चाँद उगलैय .....................

रित दुनिया के देख हरदम झरैय यै नोर ,
जेना साँझक अंधेरा तहीना लागैय भोर -२
जिदगीं प्रेमक -३ उलझन मे ओझरा गैलैय ,
चाँद उगलैय ..….....…............!!!!!!

✍अज्ञात

#अपन_मिथिला

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