महिमा अहाँ के मैया जग में महान हे
महिमा अहाँ के मैया जग में महान हे
✍राजीव कर्ण
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एलौं शरण में मैया दीय वरदान हे
नै जानि पूजा अर्चन दीय हमरा ज्ञान हे।
जगजननी मैया अहाँ हम छी अज्ञान हे
फेरीयौ ममतामयी नैना बुझु नै आन हे।
महिमा अहाँ के मैया जग में महान हे
सुर नर मुनि देवो करैथ अहिंक बखान हे।
शुम्भ निशुम्भक मैया तोड़ि देलौं मान हे
महिषासुर मर्दिनी अहाँ जानै जहान हे।
जिनगी के नैया बनल पर्वत सामान हे
दुःख संकट हरु मैया करू कल्याण हे।
नै चाही अनधन मैया नै सोनक खान हे
वर दीय पूजी अहाँ के सांझे विहान हे।
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लेखकः✍ राजीव कर्ण।
राजनगर ,चिचरी
मधुबनी
✍राजीव कर्ण
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एलौं शरण में मैया दीय वरदान हे
नै जानि पूजा अर्चन दीय हमरा ज्ञान हे।
जगजननी मैया अहाँ हम छी अज्ञान हे
फेरीयौ ममतामयी नैना बुझु नै आन हे।
महिमा अहाँ के मैया जग में महान हे
सुर नर मुनि देवो करैथ अहिंक बखान हे।
शुम्भ निशुम्भक मैया तोड़ि देलौं मान हे
महिषासुर मर्दिनी अहाँ जानै जहान हे।
जिनगी के नैया बनल पर्वत सामान हे
दुःख संकट हरु मैया करू कल्याण हे।
नै चाही अनधन मैया नै सोनक खान हे
वर दीय पूजी अहाँ के सांझे विहान हे।
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लेखकः✍ राजीव कर्ण।
राजनगर ,चिचरी
मधुबनी

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