मिथिला'क भोज - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

मिथिला'क भोज

...........मिथिला'क भोज.......


✍Mohan bhardwaj


सौख छल गाम'क भोज खाइ,
ओइ टोल सँ ऐल नोत आइ।
.
.
कराओल बिज्झो भाइ हीरा,
खसाओल गेल बीड़ा।
.
.
लगाओल गेल पुरइनि'क पात,
सरकाओल गेल कतरनि'क भात।


सजाओल गेल एक-एक तीमन,
पकाओल गेल खटमिट्ठी नीमन।
.
.
डोलाओल गेल दाइल,
टहकाओल गेल घी।
.
.
बाटल गेल आचार,
पूराओल गेल सचार।
.
.
मुखिया जी बजलैथ करु,
नवेद् दय कय शुरु।
.
.
बारीक परोसय लगलैथ,
ग्रामीण हसोथय लगलैथ।
.
.
लाल कक्का बजलैथ,
मुखिया जी एम्हर आऊ,
कार्यक्रम आगू बरहाऊ,
आब बड़ी उठाऊ।
.
.
अन्त में उठाओल गेल दही,
मोहना कनी'के लय लही।
.
.
जे मिथिला'क भोज नै खाओल,
हुनक जीवन नै जुराओल ।


.#अपन_गामक_भोज
जय मिथिला
जय मैथिली।
 — रचना Mohan Bhardwaj 

कोई टिप्पणी नहीं