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मैथली गीत । (मोरि जानकी माय)

। मैथली गीत । (मोरि जानकी माय)

अहा के धर्ती पर त
होइय अत्याचार,
मोरि जानकी माय मन मे अहा करियौ ने बिचार,
बढल जाय अइ ठाम,
आब भ्रस्टाचार,
मोरि जानिकी...........

अपने मे अपने सब करैय लराइ,
खुन करैय अखन भाइ के भाइ ,
धलिय मा यै अहा,
काली अवतार,
मोरि जानकी माय........

कोन कारन बेटि कोख मे मरल ,
दहेज के खातिर बेटि आगि मे जरल,
भेल जाय नारी अब त,
अत्याचार के सिकार,
मोरि जानकी माय...............

रमेश प्रसाद शशी जोरैय हाथ,
सुरज चन्दन मा यै झुकौने य माथ,
राजु आ राजगिर के,
सुनियौ ने पुकार,
मोरि जानकी माय.......

गीतकार -✍👤 Ramesh Prasad Yadav
(रमेश प्रसाद यादब)


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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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