दुनिया मजबुर केहन नै पुछु मिता
++गजल++
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दुनियाक दसतुर केहन नै पुुछु मित ।
दुनिया मजबुर केहन नै पुछु मित ।
चिलका चिलहौर पाइर कनै चौगमामे
माइ–बाप बेशुर केहन नै पुछु मित ।
सोनक जे खाइन छै, तकरा नै माइन छै,
बेटे तिनुुपुर केहन नै पुछु मित ।
धनक बखारी कि, महल अटारी कि,
घमन्डेमे चुर केहन नै पुछु मित ।
जगक भुँवुँरमे फसल छै रसिया,
लक्ष्य कते दुर केहन नै पुछु मित ।
२०७३/०७/३०
✍Dinesh Rasya
Lahan
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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दुनियाक दसतुर केहन नै पुुछु मित ।
दुनिया मजबुर केहन नै पुछु मित ।
चिलका चिलहौर पाइर कनै चौगमामे
माइ–बाप बेशुर केहन नै पुछु मित ।
सोनक जे खाइन छै, तकरा नै माइन छै,
बेटे तिनुुपुर केहन नै पुछु मित ।
धनक बखारी कि, महल अटारी कि,
घमन्डेमे चुर केहन नै पुछु मित ।
जगक भुँवुँरमे फसल छै रसिया,
लक्ष्य कते दुर केहन नै पुछु मित ।
२०७३/०७/३०
✍Dinesh Rasya
Lahan
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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