नाम अहींक जपै छी गाबै छी महिमा
छठि गीत
नाम अहींक जपै छी गाबै छी महिमा
*******
✒✍राजेश मोहन झा '"गुंजन"
कने चलू छठि मैया हमर अंगना,
नाम अहींक जपै छी गाबै छी महिमा।
जौं सुनबै ने दुख त' कहब किनका,
सदिखन हम फेरै छी दुखक मनका
दीपमाला सजयलहुं अरिपन द' अंगना,
नाम अहींक जपै.........॥
पायल केर झुणझुण माथ टिकुली साजै
रूप अनुपम हृदय मे ममता अछि राजै
आजु भोरे सँ बायस कुजरैए अंगना
नाम अहींक जपै........॥
मोन बेकल भ' मैया अहींक ध्याबी
तरि भवसिंधु संसार शरण जौं पाबी
बाती कपूर जरा क' आरती वंदना
नाम अहींक जपै.......॥
कने चलू छठि मैया हमर अंगना
नाम अहींक जपै छी गाबै छी महिमा।
************
समस्त मिथिलावासी आ मैथिली साहित्य सुधि लोकनि कें छैठक शुभकामनाक संग।
✍:-----राजेश मोहन झा "गुंजन'
ग्रा+पो-करियन
समस्तीपुर।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
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नाम अहींक जपै छी गाबै छी महिमा
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✒✍राजेश मोहन झा '"गुंजन"
कने चलू छठि मैया हमर अंगना,
नाम अहींक जपै छी गाबै छी महिमा।
जौं सुनबै ने दुख त' कहब किनका,
सदिखन हम फेरै छी दुखक मनका
दीपमाला सजयलहुं अरिपन द' अंगना,
नाम अहींक जपै.........॥
पायल केर झुणझुण माथ टिकुली साजै
रूप अनुपम हृदय मे ममता अछि राजै
आजु भोरे सँ बायस कुजरैए अंगना
नाम अहींक जपै........॥
मोन बेकल भ' मैया अहींक ध्याबी
तरि भवसिंधु संसार शरण जौं पाबी
बाती कपूर जरा क' आरती वंदना
नाम अहींक जपै.......॥
कने चलू छठि मैया हमर अंगना
नाम अहींक जपै छी गाबै छी महिमा।
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समस्त मिथिलावासी आ मैथिली साहित्य सुधि लोकनि कें छैठक शुभकामनाक संग।
✍:-----राजेश मोहन झा "गुंजन'
ग्रा+पो-करियन
समस्तीपुर।
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पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
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