अहाँकेर मोहिनी रूपक प्रिये
!प्रेमगीत !
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
********************************
अहाँकेर मोहिनी रूपक प्रिये हम एक पुजारी छी
देखल डबडब नयन हमरा कहू की अति अभारी छी !
विरहकेर थार सन बनलै जखन सच जीवनक हेरल
एखन अवसान अछि वयसक सोहल नेहक शिकारी छी !
देखबने' फेर ककरोदिश मोनक श्रृंगार उड़ि जेतै
कहब की आर हम प्रियतम चाखू मोहक सुपारी छी !
विरहके' भान नहि हमरा सरसरंग नीतिमे हेरल
जखन सौंदर्यके' तकलहुँ तखन कोकिल श्रृंगारी छी !
अलखमे आब जड़ि जेतै नवलसन नेहके' पुरहरि
माँगल नहि आइधरि किछुओ एखन प्रेमक भिखारी छी !
अहींकेर रूप दर्पणमे कतेकबेरि पोछिक' देखलहुँ
शिवक ई नाह नहि डूबय हे चलू हम लोक पहाड़ी छी !
गीतकार:-✍शिव कुमार झा "टिल्लू"
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷✔🌷🌷
🌷🌷🌷🌷🌷
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
********************************
अहाँकेर मोहिनी रूपक प्रिये हम एक पुजारी छी
देखल डबडब नयन हमरा कहू की अति अभारी छी !
विरहकेर थार सन बनलै जखन सच जीवनक हेरल
एखन अवसान अछि वयसक सोहल नेहक शिकारी छी !
देखबने' फेर ककरोदिश मोनक श्रृंगार उड़ि जेतै
कहब की आर हम प्रियतम चाखू मोहक सुपारी छी !
विरहके' भान नहि हमरा सरसरंग नीतिमे हेरल
जखन सौंदर्यके' तकलहुँ तखन कोकिल श्रृंगारी छी !
अलखमे आब जड़ि जेतै नवलसन नेहके' पुरहरि
माँगल नहि आइधरि किछुओ एखन प्रेमक भिखारी छी !
अहींकेर रूप दर्पणमे कतेकबेरि पोछिक' देखलहुँ
शिवक ई नाह नहि डूबय हे चलू हम लोक पहाड़ी छी !
गीतकार:-✍शिव कुमार झा "टिल्लू"
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷✔🌷🌷
🌷🌷🌷🌷🌷

कोई टिप्पणी नहीं