दीपनारायण कें देल गेलनि 'युवा पुरस्कार'
दीपनारायण कें देल गेलनि 'युवा पुरस्कार'
अपन साहित्य समाज मे दीपनारायण 'विद्यार्थी'क नाम ककरो सं नुकायल नहि अछि. पूर्वहिं सं घोषणानुसार हिनका काल्हि रवीन्द्र भवन, अगरतल्ला (त्रिपुरा) मे भारत सरकारक नामी संस्था 'साहित्य अकादमी' द्वारा 'युवा पुरस्कार-2016' सं सम्मानित कयल गेलनि. भटचौड़ा, मधुबनी निवासी दीपनारायण कें ई पुरस्कार हुनक सुचर्चित गजल संग्रह 'जे कहि नहि सकलहुं' लेल प्रदान कयल गेलनि.
जनतब दी, जे काल्हि अगरतल्ला मे दीपनारायणक संग-संग 24 भाषाक युवा रचनाकार कें हुनक चयनित पोथीक लेल 'युवा पुरस्कार-2016' अकादमीक अध्यक्ष विश्वनाथ तिवारी द्वारा प्रदान कयलनि. सूत्रक अनुसार, रवीन्द्र भवन मे आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह मे दीपनारायण परम्परागत मैथिल परिधान धोती, कुरता आ पाग पहिरि पहुंचल रहथि. जाहि परिधानक कारणें लोकक धिआन आ नजरि पूरा कार्यक्रम मे प्रायः हुनके उप्पर टांगल रहल. एतेक घरि कि प्रशस्ति पत्र देबाक समय अकादमीक अध्यक्ष सेहो हिनक परिधानक प्रंशसा कयने बिनु नहि रहि सकलनि.
माटि सं जुड़ल मैथिलीक एहि प्रतिभाशाली युवा रचनाकार कें मिथिलाक संस्कृति आ प्रतिभा सं सम्पूर्ण देशवासी कें पुनः एकबेर अवगत करेबाक लेल बहुत-बहुत धन्यवाद आ आगामी जीवनक लेल बहुत रास शुभकामना. हमरालोकनिक आश हिनका सं आर बढ़ि गेल अछि. भविष्य मे सेहो एहिना अपन आखरक मादे मातृभाषा मैथिलीक सेवा करैत रहथि तकर आश आ पूर्ण भरोस सेहो. हिनक पुरस्कृत गजल संग्रह सं किछु शेर देल जा रहल अछि, पढ़ल जाओ-
साभार :- ई मिथिला. in
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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