स्वर्ग सँ सुन्नर अपन मिथिला
स्वर्ग सँ सुन्नर अपन मिथिला
✍👤कलमदेब महतो
अपन मिथिला भुमि अछि जगमे महान्।
पुर्ब दिशामे उगैए सुरज पश्चिम दिशामे चान।
स्वर्ग सँ सुन्नर अछि अपन मिथिला धाम।
मिथिला भूमि पऽअछि मैया जानकी बिराज मान।।
हल कोदाडी़ हसुवा,खुर्पि छैं किसानके अौंजार।
जलके अछि भण्डार कोसी, कमला,दुधमति, बलान।।
अाअोल महादेब उगना बैन बिधापतिजीके गाम।
हँसि रहल अछि स्वर्ग लोग सँ वर्मा, विष्णु ,माहादेब।
देखिक मिथिला भूमि पऽ हरल भरल खेतमे धान।।
✍👤कलमदेब महतो
❤💓💗💗💓💟💟💗💗💟💓💓💗
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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✍👤कलमदेब महतो
अपन मिथिला भुमि अछि जगमे महान्।
पुर्ब दिशामे उगैए सुरज पश्चिम दिशामे चान।
स्वर्ग सँ सुन्नर अछि अपन मिथिला धाम।
मिथिला भूमि पऽअछि मैया जानकी बिराज मान।।
हल कोदाडी़ हसुवा,खुर्पि छैं किसानके अौंजार।
जलके अछि भण्डार कोसी, कमला,दुधमति, बलान।।
अाअोल महादेब उगना बैन बिधापतिजीके गाम।
हँसि रहल अछि स्वर्ग लोग सँ वर्मा, विष्णु ,माहादेब।
देखिक मिथिला भूमि पऽ हरल भरल खेतमे धान।।
✍👤कलमदेब महतो
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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