कोन_माटि_सँ_गढ़लैंह____
#कोन_माटि_सँ_गढ़लैंह____
✍👤रोशन मिश्रा
दैबा कोन माटि सँ गढ़लैंह
आँहक इ चान सन मुखड़ा
ठोर सँ प्रेमरस अछि टपकैत
नैन अछि चंद्रमनी केर टूकड़ा ॥
कोमल बदन सुंदर अछि यौवन
केश अछि बदरा सन कारी
अदा देखि हम भेलौह कायल
हमर सपना केर राज़ दुलारी ॥
धन्यवाद ओहि विधना के दय छी
जे आइ एहन विधान ओ रचलैथि
स्वर्णलोक सँ ओ स्वर्णपरी के
आनि क बड्ड उपकार ओ केलैथि ॥
प्रीतक डोर सँ बन्हलौह आहाँ
हमर सौंसे जिनगी आ जान
आहाँ साँस हम शरीर मात्र छी
आहाँ बिन हम होयब निष्प्राण ॥
लेखक ✍👃👤रोशन_मिश्रा__
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤
🔵🔵🔵🔵
✍👤रोशन मिश्रा
दैबा कोन माटि सँ गढ़लैंह
आँहक इ चान सन मुखड़ा
ठोर सँ प्रेमरस अछि टपकैत
नैन अछि चंद्रमनी केर टूकड़ा ॥
कोमल बदन सुंदर अछि यौवन
केश अछि बदरा सन कारी
अदा देखि हम भेलौह कायल
हमर सपना केर राज़ दुलारी ॥
धन्यवाद ओहि विधना के दय छी
जे आइ एहन विधान ओ रचलैथि
स्वर्णलोक सँ ओ स्वर्णपरी के
आनि क बड्ड उपकार ओ केलैथि ॥
प्रीतक डोर सँ बन्हलौह आहाँ
हमर सौंसे जिनगी आ जान
आहाँ साँस हम शरीर मात्र छी
आहाँ बिन हम होयब निष्प्राण ॥
लेखक ✍👃👤रोशन_मिश्रा__
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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