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जखनें बाजल आहाँ कें पैजनियाँ (मैथीलि गीत)

जखनें बाजल आहाँ कें पैजनियाँ

✍👤नविन झा 
जखनें बाजल आहाँ कें पैजनियाँ
अहांक सुधि मे बेसुध हम कनियाँ।


              रूप देखैई लेऽ मोन हिलोर मारैयें,
              घोघ तर स जेन चंन्ना इजोत बारैयें।
 एहेन बेसुध बनि कोना हम जिब यैई 
अहांक नयनक सरोवर कोना क पीब यैई।।

          आहाँ सिनेहक मधुर मन कोमल 
         रिषी मुनी सन, मोन हमर डोलल,
        अझके में देखलैऊ रुप चंदनियाँ।।
जखन बाजल अहाँ के ------------------

 कसकि उठाबय हिया मे जोर स,
 दर्द ऊठल अछी देहक पोरे पोर स।
 टपकैत मधु देखी अहाँ लाल ठोर स
 मरैयें   टिस हमरा करेजा में जोर  स।
 जखने उरियायल आहाँ कें ओरहनियाँ।
जखने बाजल अहाँ के----------------

जिबन बितायब हम अही के आश मे,
 बिना आहाँ कें रहब नैई ग्रिह बाश मे।
बनल छी मधु अहाँ हम पिबाक लोभ में
त्यागब हम संसार छोईर आयब दुनियाँ।
 जखन बाजत अहाँ के पेर के पैजनियाँ
 अहाँ कें  सुधी में  बेसुध  हम  कनियाँ।
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साभार - नवीन झा


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पोस्ट :-अशोक कुमार सहनी
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