गुजगुज अकासमे नुका गेलै चान (गजल)
गुजगुज अकासमे नुका गेलै चान
✍👤सुमित मिश्र 'गुंजन'
रुप देखिते अहाँके लजा गेलै चान
गुजगुज अकासमे नुका गेलै चान
देह चानो के देखियौ कलंकित थिकै
केवल यैह बातसँ बौरा गेलै चान
पूणिम राति छल ओ गुमाने सँ चूर
अहाँ सोझा भेलौं सकपका गेलै चान
ई सोचिते छलहुँ कोन उपमा लिखी
अनचोकेमे हमरा लिखा गेलै चान
स्वप्नक नगरमे इजोरिया भरल
'सुमित' आँखि खुजिते बिला गेलै चान
सुमित मिश्र 'गुंजन'
0091-8434810179
✍👤सुमित मिश्र 'गुंजन'
रुप देखिते अहाँके लजा गेलै चान
गुजगुज अकासमे नुका गेलै चान
देह चानो के देखियौ कलंकित थिकै
केवल यैह बातसँ बौरा गेलै चान
पूणिम राति छल ओ गुमाने सँ चूर
अहाँ सोझा भेलौं सकपका गेलै चान
ई सोचिते छलहुँ कोन उपमा लिखी
अनचोकेमे हमरा लिखा गेलै चान
स्वप्नक नगरमे इजोरिया भरल
'सुमित' आँखि खुजिते बिला गेलै चान
सुमित मिश्र 'गुंजन'
0091-8434810179
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| कवि - सुमित मिश्र 'गुंजन' जी |


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