सिताक श्रेष्ठतापर सन्देह किया ?
सिताक श्रेष्ठतापर सन्देह किया ?
✍👤 स्नेहा झा नवमन्थन, २१ बैशाख २०७४ । हिन्दु धर्ममे आदर्श नारीके सबसँ अनुपम उदाहरण सिता छथि । मिथिलाके धिया सिया हिन्दु मात्र नइ भऽ संसारक हरेक नारीके लेल आदर्श छथि । सिताक नगर प्राचिन मिथिलाके राजधानी आ अखुनका नेपालक जनकपुरमे भेल मान्यता अछि । अहि हिसाबें जनक नन्दिनी जानकी मिथिला मात्र के नइ भऽ नेपालके धिया भेलीह । तें मिथिला आ नेपाललेल जानकी नवमी अर्थात सिताके जन्मोत्सव विशेष अर्थ रखबाक चाही ।
दुःखक बात जे नेपाल देश अपन गौरव जानकीके बिसैर गेल अछि । नेपालके लेल सिता नाम कोनो महत्वके नाम नइ रहि गेल छै । नइ तऽ राम नवमी, बुद्ध जयन्ती, क्रिसमस, ल्होसार लगायतके पावनिमे छुट्टी देबऽ बला सरकार नेपालक राष्ट्रिय विभुतिके रुपले रहल सिताक जन्मोत्सवसँ अनिभज्ञ किया अछि ?
जों ई बुझी जे नेपाल आब हिन्दु राज्य नइ रहल, तें हिन्दु देवीदेवताकेर जयन्ती कोनो महत्व नइ रखै छै तऽ अखनो रामनवमी पर सरकार देशभरि छुट्टी दैय । राम, जे नारायण अवतार मानल जाइत छथि, हुनकर जन्मोत्सव मनेबाक लेल छुट्टी भेट सकैय तऽ नारायणी अवतार सिताक जन्मोत्सव मनेबाक लेल छुट्टी किया नइ ?
पुरुषप्रधान समाज आ पितृसत्तात्मक सोच जेहन शब्दसँ अखुनका समयमे बहुतो लोकके दिक्कत होइ छन्हि । हुनकर सबके कहब जे ई दू टा एहन शब्द छै जकरा अनेरे महिला अधिकारवादी सब भजबैत छथि । मुदा जाहि समाजमे सामान्य नारी तऽ की, देवता आ देवीमे सेहो भेदभाव कएल जाइत होइ, ओइ समाजमे एहन शब्द कोना बारम्बार प्रयोगमे नइ आओत ?
नेपाली जनता नेपाल भूमि आ नेपालक माटिपर गर्व करै छथि, कियाकी ई भूमि गौतम बुद्ध आ सिताके जन्मस्थल अछि । नेपाल अन्तर्राष्ट्रिय स्तरमे अपना आपके चिन्हबए लेल सबसँ बेसी तीनटा नामके प्रयोग करैत आएल अछि । गौतम बुद्ध, माता सिता आ सर्वोच्च शिखर सगरमाथा । गौतम बुद्ध आ माता सिता दुनु नेपालक राष्ट्रिय विभुति छथि । गौतम बुद्ध बुद्ध धर्ममे पुजित छथि तऽ माँ जानकी हिन्दु धर्ममे पुजीत देवी । बुद्धजयन्तीमे सरकार छुट्टी दैय लेकीन सिताजयन्तीमे छुट्टी नइ दैय ।
माता सितासँग ई भेदभाव किया ? की सिता रामसँ कोनो तरहे कमजोर छली ? जखन रामसँ पहिले सिताक नाम अबै छै, नारायणसँ पहिले लक्ष्मीक नाम अबै छै, तखन सिताक श्रेष्ठता पर सन्देह किया ?
साभार:नवमन्थन
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| कबियात्री - स्नेहा झा जी |


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