ललना रे बैसलि धरणीक कोर किशोरी जनमल रे
💐ललना रे बैसलि धरणीक कोर किशोरी जनमल रे 💐
✍👤अमित पाठक
बिहुँषल जनकक आंगन उत्सव पसरल रे
ललना रे बैसलि धरणीक कोर किशोरी जनमल रे
ललना रे बैसलि ~~~~~
चहुँदिस लोकक मुख पर व्यापित अचरज रे
ललना रे विधि केर भेल उपकार एहेन शुभ अवसरि रे
ललना रे बैसलि ~~~~~
लागनि ह'रक धरितहिं प्रकटल सुन्नरि रे
ललना रे तप कोनो कठिन विदेहक तकरहि प्रतिफल रे
ललनाक रे बैसलि ~~~~~
हुलसि नरेश उठाओल करेज लगाओल रे
ललना रे भरल सिनेहक नोर नयन दूनु बरिषल रे
ललना रे बैसलि~~~~~
अपरुव रूप सुकन्या प्रतिछवि अम्बक रे
ललना रे कतबहु वर्णब अल्पहि होयत ने अहगर रे
ललना रे बैसलि~~~~~
बिहुँषल जनकक ~~~~~
✍अमित पाठक
✍👤अमित पाठक
बिहुँषल जनकक आंगन उत्सव पसरल रे
ललना रे बैसलि धरणीक कोर किशोरी जनमल रे
ललना रे बैसलि ~~~~~
चहुँदिस लोकक मुख पर व्यापित अचरज रे
ललना रे विधि केर भेल उपकार एहेन शुभ अवसरि रे
ललना रे बैसलि ~~~~~
लागनि ह'रक धरितहिं प्रकटल सुन्नरि रे
ललना रे तप कोनो कठिन विदेहक तकरहि प्रतिफल रे
ललनाक रे बैसलि ~~~~~
हुलसि नरेश उठाओल करेज लगाओल रे
ललना रे भरल सिनेहक नोर नयन दूनु बरिषल रे
ललना रे बैसलि~~~~~
अपरुव रूप सुकन्या प्रतिछवि अम्बक रे
ललना रे कतबहु वर्णब अल्पहि होयत ने अहगर रे
ललना रे बैसलि~~~~~
बिहुँषल जनकक ~~~~~
✍अमित पाठक

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