आय अहाँ कहु हम कथि लिखु मैथिली रचना
आय अहाँ कहु हम कथि लिखु
✒👩नेहा कर्ण
अई मौसम के पूरबा बयार लिखु
कि सावन के बरखा बहार लिखु
सूरज के गरमी के आस लिखु
कि चांद के शितल प्रकाश लिखु
आई आहां कहु हम कथि लिखु
पहाड़ के पाछु डुबैत सूरज लिखु
बादल स निकलैत चांद लिखु
कि चेहरा चांद गुलाब लिखु
कि प्रेम के कोनो समाद लिखु
आई आहां कहु हम कथि लिखु
दहेज के भेटै छै सम्मान लिखु
कि बेटी के जाई छै जान लिखु्
लोक बेचै छै आत्म सम्मान लिखु
कि पत्थर भेल भगवान लिखु
आई आहां कहु हम कथि लिखु
भूख्खल बच्चा के दर्द लिखु्
नारी के पीटैत छै मर्द लिखु
मौसम जाकां जमाना शर्द लिखु
कि दुनियां बनल छै बेदर्द लिखु
आई आहां कहु हम कथि लिखु
आई ई आंईख के प्यास लिखु
कि आंईख के बरसात लिखु
हम जीत लिखु कि हार लिखु
कि अपन निश्छल प्यार लिखु्
आई आहां कहु हम कथि लिखु....!
✒👩नेहा कर्ण
👉https://www.facebook.com/neha.karna.79
#अपन_मिथिला
✒👩नेहा कर्ण
अई मौसम के पूरबा बयार लिखु
कि सावन के बरखा बहार लिखु
सूरज के गरमी के आस लिखु
कि चांद के शितल प्रकाश लिखु
आई आहां कहु हम कथि लिखु
पहाड़ के पाछु डुबैत सूरज लिखु
बादल स निकलैत चांद लिखु
कि चेहरा चांद गुलाब लिखु
कि प्रेम के कोनो समाद लिखु
आई आहां कहु हम कथि लिखु
दहेज के भेटै छै सम्मान लिखु
कि बेटी के जाई छै जान लिखु्
लोक बेचै छै आत्म सम्मान लिखु
कि पत्थर भेल भगवान लिखु
आई आहां कहु हम कथि लिखु
भूख्खल बच्चा के दर्द लिखु्
नारी के पीटैत छै मर्द लिखु
मौसम जाकां जमाना शर्द लिखु
कि दुनियां बनल छै बेदर्द लिखु
आई आहां कहु हम कथि लिखु
आई ई आंईख के प्यास लिखु
कि आंईख के बरसात लिखु
हम जीत लिखु कि हार लिखु
कि अपन निश्छल प्यार लिखु्
आई आहां कहु हम कथि लिखु....!
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